{Apply} छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुपोषण योजना 2020 | ऑनलाइन आवेदन

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुपोषण योजना 2020

हमारा ये लेख हमारे सभी छ्त्तीसगढवासियो को समर्पित हैं क्योंकि इस लेख में हम अपने सभी पाठको और छ्त्तीसगढी की माताओ और बहनो को बताना चाहते हैं उस योजना के बारे में जो कि, उनके कुपोषण को दूर कर हुए सुपोषण की स्थापना कर आपके स्वास्थ्य को सुरक्षित औऱ समृद्ध करेगा। छत्तीसगढ़ की भूपेश बेघल की सरकार ने, कुपोषण को हराने के लिए और छत्तीसगढ में फैल रहे कुपोषण रोगियो की संख्या को घटाने के लिए जिस योजना की शुरुआत की हैं उस योजना का नाम हैं, ’’ मुख्यमंत्री हरिक नानी बेरा अभियान 2020’’ हैं जिसका स्वरुप अभी तक स्पष्ट नहीं हैं लेकिन इतना कहा जा रहा हैं कि, इस अभियान का मौलिक ध्येय है कुपोषण को हराकर उसकी सुपोषण की स्थापना करना।

हम अपने इस लेख में, आपको इस अभियान की पूरी जानकारी देंगे ताकि हमारी हर छत्तीसगढ की माता, बहने और कुपोषण की मार झेल रहे सभी बच्चो को  इस अभियान का पूरा लाभ ले सकें।

आईए जानते हैं इस अभियान के बारे में

जब हम अपने देश में हर साल मरने वाले बच्चो, माताओ और बहनो पर नजर डालते हैं तो हम पाते हैं कि, इनकी एक बडी संख्या किसी बीमारी के कारण नहीं, किसी घाव-चोट के कारण नहीं, उच्च रक्तचाप के कारण नहीं बल्कि नियमित और पौष्टिक भोजन ना मिलने के कारण ही इन लोगो की एक बडी संख्या हमारे देश में हर साल बिना किसी दोष के अपनी जान से हाथ घो बैठती हैं।

इसी परिस्थिति और इस तस्वीर को बदलने के लिए ही भारत की छत्तीसगढ़ की सरकार ने, ’’ मुख्यमंत्री हरिक नानी बेरा अभियान 2020 ’’ की शुरुआत की हैं ताकि कुपोषण की तस्वीर को सुपोषण की तस्वीर से बदला जा सकें और भारत की कुपोषित अन्तर्राँष्ट्रीय छवि को सुपोषित छवि के तौर पर अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया जा सकें।

कुपोषण को सुपोषण में बदलने का हैं लक्ष्य

हम सभी जानते हैं कि, भारत में, गरीब  लोगो की क्या स्थिति हैं, किस तरह का उनका खान-पान हैं क्या हैं उनकी पौष्टिकता का स्तर, इन बातो से हम भली-भांति परिचित हैं और इसके व्यापक प्रभाव औऱ दुखदायी परिणाओ से भी परिचित हैं। कुल मिलाकर हम कह सकते हैं कि, कुपोषण उभरते और बदलते भारत के चेहरे पर एक दाग जैसा हैं जिससे ना केवल हमारी सुन्दरता प्रभावित होती हैं बल्कि हमारी अन्तर्राष्ट्रीय छवि भी खराब होती रही हैं

लेकिन इस समस्या को देखते हुए हमारी छत्तीसगढ की भूपेश बघेल सरकार ने जागरुकतापुर्ण कदम उठाते हुए ’’ मुख्यमंत्री हरिक नानी बेरा अभियान 2020 ’’ की शुरुआत कर दी हैं जिसके तहत हमारे सभी कुपोषण से पीडित मातायें, बहने और गरीब असहाय बच्चे जो कि, बिना किसी कारण या दोष के कुपोषण के चलते अकाल मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं उनकी सुरक्षा की जायेगी, उनका पालन-पोषण बेहतर तरीके  से किया जायेगा और जहां तक संभव होगा उनके सुपोषण को बनाये रखने की पूरी कोशिश की जायेगी ताकि भारत का उज्जवल भविष्य भी उज्जवल सुपोषण पर ही टिका हो।

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कुपोषण के दुष्प्रभाव

वैसे तो आप सभी जानते हैं कि, कुपोषण के क्या-क्या और कितने घातक दुष्प्रभाव होते हैं लेकिन इसके बावजूद भी हम अपने सभी पाठको के लिए इस कुपोषण के कुछ बेहद खतरनाक दुष्प्रभावो को यहां पर उल्लेखित करना चाहते हैं जो कि, इस प्रकार से हैं –

  1. हमारे बच्चो का बिना वजह और बिना किसी दोष के अकाल मृत्यु को प्राप्त होना,
  2. कुपोषण पीडित हमारी माताओ की मृत्यु होना,
  3. गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे का कुपोषण के कारण अपंग और अपाहिच पैदा होगा,
  4. कुपोषण के कारण बच्चे का स्वस्थ मानसिक विकास ना हो पाना,
  5. कुपोषण के कारण बच्चे का जन्म के कुछ समय बाद ही उसकी मृत्यु हो जाना,
  6. कुपोषण के कारण पीडित माता और बहनो की दुखद मृत्यु आदि।

उपरोक्त बिदुं तो मात्र एक झलकी हैं क्योकि इस कुपोषण की असली तस्वीर बेहद भयानक और खतरनाक हैं जिसे हमें रोकना ही होगा और इस पर जीत पाकर हमें इसकी जगह सुपोषण की स्थापना करनी होगी।

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’’ मुख्यमंत्री हरिक नानी बेरा अभियान 2020 ’’ – ब्लू-प्रिंट

हम आपको इसकी अर्थात् ’’ मुख्यमंत्री हरिक नानी बेरा अभियान 2020 ’’ के तहत जारी ब्लू-प्रिंट के बारे में बताना चाहेगे ताकि आप इस अभियान को समझ सकें, इसका प्रचार-प्रसार कर सकें औऱ इसके लाभो को प्राप्त करके कुपोषण की जगह सुपोषण की स्थापना कर सकें। इस अभियान का ब्लू-प्रिंट इस प्रकार से हैं –

  1. इस अभियान के तहत हमारी कुपोषण पीडित माताओ और बहनो को हर रोज अर्थात् प्रतिदिन स्वच्छ और स्वस्थ पौष्टिक भोजन प्रदान किया जायेगा ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर हो,
  2. हमारी कुपोषण पीडित माताओ, बहनो और बच्चो को कुपोषण से बचाकर सुपोषण प्रदान करने के लिए सरकार इस अभियान के तहत एक सप्ताह व हफ्ते में दो बार मूंगफली, गुड से बने लड्डू और अंड्डे प्रदान करेगी ताकि उनके स्वास्थय को हर पौष्टिक तत्व उपलब्ध करवाया जा सकें,
  3. इस अभियान को सबसे पहले पायलेट प्रोजेक्ट के तहत जिले में शुरु किया गया जहां पर कुल 70,000 कुपोषण पीडित बच्चो और 9,000 कुपोषण पीडित माताओ औऱ बहनो को पौष्टिक भोजन प्रदान किया गया जिससे उनके स्वास्थ्य में आशातीत सुधार हुआ,
  4. इस अभियान का लाभ हर किसी तक पहुंचाने के लिए, योजना के तहत ये तय किया गया हैं कि, हर ग्राम पंचायत चयनित लाभार्थियो को हर रोज अभियान के तहत पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवायेगी,
  5. फल, दूध, अंड्डे व सोया चंक्स को प्रदान करने के लिए अभियान के तहत डी.एम.एफ को लगाया जायेगा ताकि अभियान को तेजी के साथ क्रियान्वित किया जा सकें,
  6. अभियान के तहत, कुपोषण पीडितो को चावल, चीनी औऱ केरोसीन आदि प्रदान करने के लिए ’’ जन वितरण प्रणाली ’’ अर्थात् पी.डी.एस को और भी मजबूत किया जायेगा,
  7. इस अभियान के तहत कुपोषण पीडित हमारी माता,बहने और बच्चो की बेहतर स्वास्थ्य और सुपोषण प्रदान करने के लिए हर महिने दो किलो गुड प्रदान किया जायेगा आदि।

उपरोक्त विशेषताओ से हम छत्तीसगढ की इस कल्याणकारी और कुपोषण विनाशकारी अभियान की व्यापकता और सर्व-जनहित के भाव को सरलता से समझ सकतें हैं औऱ इस अभियान का ब़ड़ी मात्रा में लाभ लेकर इसे सफल बना सकते हैं।

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FAQ’s

अभियान को लेकर आपके Question. औऱ हमारे Ans.

इस अभियान को लेकर हमें आपकी तरफ से कई Q. मिले हैं जिनका हमने इस प्रकास से Ans. दिया हैं-

Q– इस अभियान का मौलिक लक्ष्य क्या हैं ?

Ans. – इस अभियान का मौलिक लक्ष्य हैं कुपोषण की भयानक व नकारात्मक तस्वीर को नष्ट करके उसकी जगह पर सुपोषण की सकारात्कम तस्वीर की स्थापना करना अर्थात् हमारी कुपोषित माताये, बहने औऱ बच्चो को बेहतर पौष्टिक भोजन प्रदान करके उनका सुपोषण करना ही इस योजना का मौलिक लक्ष्य हैं ताकि वे अपनी जीवन को जी सकें औऱ उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सकें।

Q– इस अभियान के तहत सभी भारतवासियो को लाभ मिलेगा ?

Ans. – नहीं। इस अभियान के तहत केवल भारत के छत्तीसगढ राज्य के लोगो को ही इसका लाभ मिलेगा।

Q.- अभियान में कैसे करना होगा आवेदन औऱ क्या-क्या चाहिए आवेदन के लिए ?

Ans. – इस अभियान में आवेदन के लिए हमारे सभी उम्मीदवारो को इंतजार करना होगा क्योंकि इसमें आवेदन के लिए होने वाली किसी भी औपचारिक प्रक्रिया की घोषणा नही की गई हैं और ना ही किन-किन चीजो के आधार पर आवेदन करना होगा इसी की घोषणा की गई हैं पर जैसे ही की जायेगी हम आपको अपने अगले लेख में सूचित कर देंगे।

Q– इस अभियान कैसे होगा सुपोषण ?

Ans. – इस अभियान के तहत हर चयनित लाभार्थी कुपोषित पीडित को समुचित और पौष्टिक भोजन प्रदान किया जायेगा, सप्ताह में दो बार मूंगफली, गुड्ड के लड्डू और अंडो का वितरण किया जायेगा इसके साथ हर महिने में 2 किलो गुड्ड दिया जायेगा ताकि इनका सुपोषण हो सकें।

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